नईदुनिया कोरबा ने भी 18 जुलाई 2017 को ही हाथियों की इन तस्वीरों को मेरी बगैर इजाजत प्रकाशित किया। आप देख सकतें है पुरे कैप्शन के बाद नईदुनिया ने लिखा है फोटो नईदुनिया जबकि प्रकाशित तस्वीर पर मेरा वाटरमार्क साफ़-साफ़ दिखाई पड़ रहा है।
राज्य के कोरबा जिले में हाथियों के आतंक की खबर सुनकर मैं तस्वीरों की चाह में वहां पहुँचा। कई अनछुई तस्वीरें मिली जिन्होंने अखबारों में जगह बनाई। हाथी की ये तस्वीरें नईदुनिया बिलासपुर संस्करण में 18 जुलाई 2017 को प्रकाशित हुई। अफ़सोस ये तस्वीरें मैंने नईदुनिया को नहीं दी लेकिन कुछ आपसी मित्रों की भूल से मेरी ये तस्वीर उन तक पहुंची जिसे नईदुनिया ने अपने नाम से प्रकाशित कर लिया।
एक रहस्य्मयी मीनार जो झूलती हैं मगर क्यों इसका रहस्य आज तक बरकरार है। गुजरात के अहमदाबाद से ली गई उस ऐतिहासिक धरोहर की तस्वीर दैनिक छत्तीसगढ़ ने 16 जुलाई 2017 को प्रकाशित की।
Wednesday, July 12, 2017
ऊंट और भेंड़-बकरियां लेकर देश के कोने कोने में सफर पर निकले कुछ राजस्थानी यायावरों से पिछले दिनों ग्राम केंदा [बिलासपुर] के समीप सामना हो गया। कुछ तस्वीरें ली जिसे मैंने सोशल मीडिया पर लगाया, उनमें से एक तस्वीर दैनिक छत्तीसगढ़ को पसंद आई। उन्होंने उनमें से एक तस्वीर 12 जुलाई 2017 को प्रमुखता से पहले पन्ने पर प्रकाशित की।
Tuesday, July 11, 2017
अंग्रेजी अखबार द हितवाद में 11 जुलाई 2017 को अचानकमार टाइगर रिजर्व से ली गई एक तस्वीर जिसमें मादा हिरणी अपने बच्चे को दूध पीला रही है।
मध्यप्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थल अमरकंटक में कपिल धारा के समीप एक बंदरिया के बच्चे की मौत के बाद उस माँ की बेबसी को मैंने तस्वीरों में कैद किया जो एकदम अकेली थी। उस तस्वीर को नवभारत [रायपुर] ने 10 जुलाई 2017 को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
तितलियों के झुण्ड की एक तस्वीर जिसे अचानकमार टाइगर रिजर्व के समीप खींचा उसे दैनिक छत्तीसगढ़ में 4 जुलाई 2017 को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।